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Saturday, May 15, 2021

आंखे नम हैं(Aankhe Nam hai)


Moisture in eyes due to Carona deaths of Relatives
ANKHE NAM HAI
Image from :pexels.com


          अपनो की लाशें जला हम आए...

         इस लिए आंखे नम हैं...

यह सबूत क्या कम है...

लिपट लिपट रोने को...

अपनो से जी चाहता है....

लिपट नहीं सकते...

इसका भी गम है...

अपनो का घर छूटा है...

अपने जुदा हुए सदा के लिए..

कईयो का दिल टूटा है...

इस देश में लगता नही जी...

जहा अपनो ने ही हमे लूटा है...!!


Apno ki lanssen jala ham aaye..

Isliye aankhen nam hai..

Yah sabut kya kam hai..

Lipt Lipt rone ko ..

Apno se Ji chahta hai..

Lipt nahi sakte..

Isaka bhi gam hai ..

Apno ka ghar chhuta hai..

Apne juda huye sada ke liye..

Kaiyon ka dil tuta hai..

Is desh me ab lagta nahi zee..

Jahan apno ne hi hamen loota hai..!!


_JPSB 

कविता की विवेचना:

आंखे नम हैं/ Aankhe Nam Hai कविता करोना काल में पहली और दूसरी लहर में असंख्य हुई मौतों को श्रद्धांजलि है अकारण असमय हुई मौतों पर हमारी आंखे नम हैं ।

करोना काल से पहले हंसी खुशी जिंदगी चल रही थी सबकी आने वाले समय की प्लानिंग की जा रही थी, किसी की शादी का प्लान, किसी की आगे पढ़ाई का प्लान किसी का हिल स्टेशन परिवार समेत छुट्टियां मनाने का प्लान और भी ढेर सारे इवेंट जो आने वाले थे।

  सब अपने अपने इवेंट की तैयारियों में जुटे हुए थे, कि अचानक किसी हवाई हमले की तरह करोना करोना ने हमला किया , किसी को सांस लेने का मौका भी नहीं दिया और उसे करोना ने मार दिया ।

 कई परिवार घर उजड़ गए हाहाकार  मच गया, लासो के अंबार लग गए, समसानो कब्रिस्तानों में लासो का अंतिम संस्कार करने की जगह नहीं बची , नई कब्रे शमशान बनाने पड़े । लाशें नदी में लावारिस तैरती नजर आई प्रशासन ने अपने हाथ पीछे खींच लिए पब्लिक को मरने के लिए छोड़ दिया, तुम्हारा तुम निपटो हम कुछ नही करेंगे अंदाज में ।

रिजल्ट ये हुआ कि बेहिसाब पब्लिक ऑक्सीजन और दवाइयों के अभाव में मर गई पूरे संसार को दया आई भारत पर पर हमारे खुद के प्रशासन को कोई फर्क नहीं पड़ा वो इंसानों के प्रोटेक्शन के बजाय सता के प्रोटेक्शन में लग गया बेशर्मी से ।

अपनो को गवाने का गम तो है ही दयनीय व्यवस्था के लिए भी आंखे नम हैं ।

"आखें नाम हैं" कविता अपने से असमय अलग होने का दर्द अपनो को खोने का दर्द और प्रशासन के संवेदनशील न होने का दर्द बयां करती है। आखें नम करोना काल में शहीद हुए हमारे लाखों देशवासियों को एक नम श्रंधांजलि है।

कृपया कविता को पढ़े और शेयर।

... इति...

_जे पी एस बी

jpsb.blogspot. com




Thursday, May 6, 2021

लासो के सौदागर ( lasson ke Sodagar)


Lasson ke sodagar
Lasson ke Sodagar
Image From: pexels.com


लाशों का अंबार...
करोना और आम जन की...
लाचारी.....
कहते हैं महामारी...

ना बेड ना दवा ना ही ऑक्सीजन...

कहा जाए जनता बेचारी...
तड़फ तड़फ के मरना है...
क्यों कि आंखें बंद हैं...
सरकारी....

राम भरोसे शासन है...
राम ही रक्षा करेगें तुम्हारी...
तुमने हमें वोट दिया...
ये गलती है तुम्हारी...

हमें राज दिया...

हम राज करेगें...
मरने की बारी सिर्फ तुम्हारी...
राम जी के नाम पर फिर हमें चुनो...
अबकी ना जनसंख्या रहेगी...
ना ही बीमारी...

Lasson ka ambar..
Carona aur amm jan ki..
Lachari..
Kahte hai mahamari..

Na bed na dawa na hi oxigen ..
Kahan jaye janta bechari..
Tadaf tadaf ke marna hai..
Kyo ki aankhe band hai..
Sarkari..

Ram bharose shasan hai..
Ram hi raksha karenge tumhari..
Tumne hame vote diya..
Yeh galti hai tumhari..

Hame raj diya..
Ham Raj karenge marne ...
Marne ki bari sirf tumhari..
Ram ji ke naam par phi hame chuno..
Ab ki na jansakhya rahegi..
Na hi bimari..!!

 

_JPSB 


कविता की विवेचना: 

लासो के सौदागर/ Lasson ke Soudagar कविता करोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान जो लोग बेमौत मारे गए उनको श्रंधाजली है।

वोह मंजर देखा मौत का तांडव हो रहा था चारो ओर लासो के अंबार याद कर आत्मा सिहर जाती है रोंगटे खड़े हो जाते हैं।

लोग नही मरते बच सकते थे अगर ऑक्सीजन होती , जिन्हे ऑक्सीजन का इंतजाम करना था कोर्ट में लड़ रहे थे, लोग मर थे और वो सिद्ध करने पर तुले थे की नही मर रहें इतने आंकड़े झूठे है आदि।

शमसान और कब्रिस्तान में लासो के आने का सिलसिला जारी था बहुत ज्यादा, लाशों को जलाने और दफनाने के लिए शमशान और कब्रिस्तान में जगह कम हो गई  थी एक्स्ट्रा जगह की गई ,तब भी लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ा अपनी बारी आने के लिए। 
अनगिनत लाशें गंगा जी में बहती मिली उतर प्रदेश में ।
पूरे विश्व में भारत की करोना से निबटने के अंदाज और लापरवाही के लिए आलोचना हुई । मगर सरकार ने अपनी गलती नही मानी ।

जिसने सरकार के काम  करने के तरीके सवाल किया सरकार ने फिर उसे बहुत ही परेशान किया ।

जनता को कई बार लगा कही मुगलों या अंग्रजों का शासन तो नही लोट आया ,सरकार कभी मुगल बादशाह लगती है कभी 
कम्पनी बहादुर सा काम करती है।

करोना काल में आम जनता की जो दुर्दशा हुई है है प्रशासन की अव्यवस्था के कारण, क्या कोई सरकार अपने ही नागरिकों के साथ इतना जुर्म कर नही सकती , अपने ही देश के नागरिकों को तड़फ तड़फ कर मरने दिया , यह किसी भी सरकार की भयानक क्रूरता है।

इतना सब होने के बाद भी किसी ने जनता से माफी नही मांगी ना ही कोई अफसोस ही जताया यानी इनके नजर में जनता कीमत कुछ नही जैसे कोई कीड़ा मकोड़ा  मर जाए कोई उसकी
परवाह नही करता । 

अगर ऑक्सीजन और हॉस्पिटल्स में  दवाइया होती तो इतने लोग  नही मरते ,लोग स्वाभाविक मौत नही मरे बल्कि ऑक्सीजन और दवाइयों के अभाव और प्रशासन की लापरवाही से मरे या यू कहे मरने दिया गया।
ऐसा क्यों किया या प्रशासन को ही पता , क्यों की उसकी कोई जवाब देही प्रतीत नही होती। 
"लाशों के साउदगार" कविता में प्रशासन की लापरवाही और जनता के दुर्भाग्य की उसे ऐसा प्रशासन मिला का जिक्र और हम कर भी क्या सकते हैं, सिर्फ मर सकते हैं।

कविता को पढ़े और शेयर करें।

... इति...
_जे पी एस बी
jpsb.blogspot.com









Sunday, May 2, 2021

सवाल(Swal)

Swal to Administrative System
Swal
Image from :pexels.com


किस से पूछे सवाल...

सबके ही है बुरे हाल...

लॉक डाउन करोना...

बन गया बड़ा सवाल...

रोजी रोटी का...

रोजगार और व्यापार का...

जान पर भी बन आई है...

बंद हुई कमाई है...

कब करोना निगल लेगा...

किसको नही पता...

सरकार से पूछो सवाल...

तो जेल है....

सब ऊपर वाले का खेल है...

परीक्षा की घड़ी है...

मुसीबत बहुत बड़ी है...

राम भरोसे छोड़ा है...

करोना एक सवाल बड़ा है....??


Kis se punchhe swal..

Sabke hi hai bure hal..

Lock down ,Carona..

Ban gaya bada swal..

Roji roti ka..

Rojgar vyapar ka..

Jaan par bhi ban aayi hai..

Band huyi kamai hai..

Kab carona nigal  lega..

Kis ko nahi pata..

Sarkar se puchho swal ..

Tou jail hai..

Sab upar wale ka khel hai..

Pariksha ki ghadi hai..

Musibat bahut badi hai..

Ram Bharose chhoda hai ..

Carona swal bahut bada hai ..


_जे पी एस बी 

कविता की विवेचना: 

सवाल/ Swal ,कविता खुद ही एक सवाल है, यह सवाल किस से पूछा जाए , सरकार से ,देश की व्यवस्था से या भगवान से?

अचानक एक दिन पता चलता है चीन में एक जान लेवा महामारी आ गई है और लोग बेहिसाब मर  रहे हैं , डॉक्टर कुछ नही कर पा रहे बल्कि डॉक्टर भी मर रहें हैं।

 हम सब न्यूज सुनते हैं अफसोस करते हैं कि चीन में लोगों के साथ बहुत बुरा हो रहा है । यह खबर आई गई हो जाती है ।

हमने या पूरे विश्व ने कभी कल्पना भी नहीं की होती की चीन से कई गुना ज्यादा शक्तिसाली हमला इस करोना का हम पर होगा, यह हमला होता है, हम बचाव के लिए संभल भी नही पाते और हमारे लोग मौत की आगोश में जाने लग जातें हैं।

 आनन फानन में लॉक डाउन और बचाने के उपायों का ऐलान होता है, जैसे मास्क, 6फीट की दूरी सेनेटाइजर,और लॉक डाउन, सब बंद फैक्ट्रियां ,ट्रेन , बस, लोग घरों में बंद और हॉस्पिटलों में मौत का तांडव, लोग अपनो को खो रहे थे रो भी नही पा रहे थे । 

ट्रेन बस बंद होने के कारण लोग पैदल ही घरों को निकल पड़े मिलों दूर का सफर कई रास्ते में ही मर गए। प्रशासन ने भगवान से प्रार्थना की कि प्रभु राम संभाल लेना सब हमारे बस का नहीं , फिर उसके बाद भगवान ने ही संभाला इस देश को करोना की पहिली लहर से दूसरी लहर तक ।

 भगवान ने बहुत सारे लोगों को अपने पास भी बुला लिया हमेशा के लिए क्यों कि यहां हॉस्पिटल्स में जगह नहीं थी दवाइया ऑक्सीजन नही थी, और हमारे प्रशासन ने व्यवस्था भी भगवान को सौप दी थी, भगवान ने अपना काम अच्छे से किया भगवान हमेशा अच्छा ही करते हैं उन्होंने ही तो दुनिया बनाई है।

 सब काम भगवान जी भरोसे था इसलिए प्रशासन बे फिक्र था और चुनाव या दूसरे काम अध्यादेश लाना नए नए कानून लाना जैसे नायब कृषि कानून , लेबर कानून आदि ताकि विशाल जनसंख्या जो करोना महामारी से मरने के बावजूद कम नहीं हो रही, इन कानूनों से इस जनता की नकेल कसी जायेगी।

किसान भी खेती अच्छे से नही कर पा रहे हैं, हार मान कर मर रहें हैं , अब सरकार खेती अच्छे से कराएगी उद्योग पतियों को इस काम में लगाएगी, सरकार की आमदनी भी बढ़ेगी , देश खेती के उत्पादन से बहुत अमीर हो जायेगा विश्व शक्ति बनेगा ।

 गरीबी रेखा के नीचे की आबादी वाला अमीर देश , जनता को तो भगवान ही संभालेंगे उनका भव्य मंदिर बन रहा है, भगवान मंदिर निर्माण से बहुत खुश हैं , जनता को और बाकी सब अव्यवस्था भगवान संभाल लेंगे प्रशासन का बहुत बड़ा सिरदर्द खत्म।

इसलिए जब पूरी जिमेवारी भगवान ने ली है सवाल भी भगवान से ही पूछना चाहिए, कुछ लोग गलती से प्रशासन से सवाल करते हैं और सजा भुगतते हैं ,जब कि उन्हें सवाल भगवान से पूछने चाहिए थे , गलती की सज्जा तो मिलेगी ही।

"सवाल" कविता में भी सवाल भगवान से ही है, प्रभु हमें क्यों मारा और सताया जा रहा है, जब कि सब व्यवस्था आपके हांथ है, आपके काम में जो व्यवधान डाल रहे हैं उन्हें सज्जा क्यों नहीं?

कृप्या कविता को पढ़े और शेयर करें।

... इति...

_जे पी एस बी

jpsb.blogspot.com

 



Saturday, April 24, 2021

करोना(Carona)

About Carona Pendamic in world & safety
Carona Safety
Image from :pexels.com



चीन ने जना एक कपूत..

बना सबके लिए वो यमदूत...

पूरी दुनिया पर कहर बरपाया...

मौत का तांडव सब ओर मचाया ...

चारों ओर लाशों का अंबार लगाया...

लाशों पर रोने के लिए भी किसी को न बचाया..

तूने बहुत लोगों को मारा है "करोना"...

अब तुम्हारी बारी है मरने की, मरो ना...


ना करो हिंसा अहिंसा के देश में...

तुम क्यों लाए गए दानव के भेष में...

चीन ने तुमको पाला पोसा रखा प्यार से...

फिर तुम चीन से भागे फैले सारे संसार में...

क्या कमी थी चीन के प्यार में...

या उनके लिए तुम भस्मासुर बन गए...

नही रहे उनके अधिकार में...

बहुत हुआ तेरा अत्याचार करोना...

अब तू भला दुनिया का कर जा...

सारी दुनिया चाहती है ,तू अपनी मौत मर जा..!!

Chin ne jna ek kaput..

Bna sabke liye woh yamdoot..

Puri duniya par kahar barpaya..

Mout ka tandav sab ore machaya..

Charon ore lansson ka ambar lagaya..

Lasson par rone ke liye bhi kisi nahi bachaya..

Tumne bahut logon ko mara hai

 " Carona"

Ab tumahari bari hai marne ki maro na..


Na karo hinsa ahinsa ke desh main..

Tum kyo laye gaye danav ke bhes main..

Chin ne tumko pala posa rakha pyar se..

Phir tum chin se bhage faile sare sansar main..

Kya kami rah gayi thi chin ke pyar main..

Ya tum unke liye bhasmasur  ban gaye..

Nahe rahe unke adhikar main, lage unhe bhi marne..

Bahut huwa tera atyachar karona..

Ab tu bhala duniya ka kar ja..

Sari duniya chahti hai, Tu apni mout mar ja..!!


जे पी एस बी 

...................................................................

" चीन जना करोना"

                             (Chin Jna Carona)


Chin jana carona
Chin jna Carona
Image from: pexels,.com



दुनिया झुक गई है करोना के सामने...

करोना जिसे हुआ हम लगे उसे मुर्दा मानने...


करोना लगातार खेल रहा मौत का खेल...

WHO और सरकारें हुई इसे रोकने में  फेल...


कोई नही जानता इसके खात्मे का तोड़...

सुपर पावर भी हुआ इसके सामने कमजोर...


दुनिया के लिए बड़ा घातक हुआ चीन जना...

कौन रोकेगा इसे जो दुनिया के लिए मौत बना..!! 


Duniya jhuk gayi hai Carona ke samne..

Carona jise huwa ham lage usie murda manne..


Carona lagataar khel raha mout ka khel..

WHO aur sarkaren huyi ise rokne main fail..


Koi nahi janta iske khatme ka toud..

Super power bhi huwa iske samne kamjor..


Duniya ke liye bada ghatak huwa chin Jna..

Koun rokega ise jo duniya ke liye mout bna..!!


जे पी एस बी 

कविता की विवेचना:

करोना/Carona कविता हेडिंग में दो कविताएं हैं । 

1.Carona/करोना 

2.Chin Jna/चीन जना

जैसा कि सारे संसार को पता है कि चीन से निकल कर करोना सारे विश्व में फ़ैल गया और लाखों लोगो की जान ले ली, लासो के अंबार लग गए , कब्रस्थान और शमशान में लासो का अंतिम संस्कार करने के लिए जगह न बची।

पूरा संसार लॉक डाउन हो गया ,लोगों के रोजगार चले गए , कारोबार बंद हो गए, प्यार विश्व में आर्थिक संकट आ गया।

जब कि बाद में इसकी वेकासिन बन गई , मगर संकट अभी टला नहीं है।

फिर दूसरी वेव आई जिसका बुरी तरह भारत में हुआ लाखो लोग ऑक्सीजन और दवाइयों की कमी से तड़फ तड़फ कर बेमौत मर गए, हॉस्पिटलों में जगह की कमी हो गई , कई लोग बिना इलाज ही मर गए।

भारत में वेकेसिनेशन का काम चल रहा है। दूसरी वेव का असर अभी भी तला नहीं है, और तीसरी वेव की आंशका है।कई राज्यों में अभी भी लॉक डाउन जारी है।

अब करोना से सेफ्टी उपायों को सदा के लिए अपनाना होगा। जैसे:

1. बिना जरूरी काम बाहर न निकलना

2.बाहर निकलने पर हमेशा mask  लगाना

 3.हांथ ना मिलना गले ना मिलना

4.हमेशा अपने पास सेनेटाइजर रखना

 5.समय समय पर सेनेटाइजर से हांथ साफ करना

 6.कोई भी सिमटेम करोना का महसूस होने पर तुरंत ही जांच कराना 

7.और vaccacin जरूर दोनो doze समय पर लगाना।

इन उपायों का शक्ति से पालन कर ही हम इस महामारी से बच सकते हैं ।

"करोना" और "चीन जना" दोनो कविताओ में करोना की भयावता का वर्णन किया गया है । करोना से बचने के लिए सेफ्टी उपोयो का शक्ति से पालन करें और वेकेसिन जरूर समय पर लगाएं और करोना को इस संसार से भगाए।

Safty firt/ जान है तो जहां है।

कृपया कविता को सेफ्टी नियमों का पालन करते हुऐ पढ़े और शेयर करें।

... इति...

_जे पी एस बी 

jpsb.blogspot.com












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