Monday, July 26, 2010

मेरे बारे में(About Me)



मेरे बारे में :स्वयं के स्वभाव से प्रेरित कविता 

Mere bare me
Mere bare me
Image from:Self Created
                       



मैं पूरी दुनिया को अपनाना चाहता हूं

मैं सबको अपना बनाना चाहता हू...

एक मुस्कान इशारा ही काफ़ी है...

तुम्हारा हो जाऊंगा सदा के लिए...

क्यों कि यह मेरे स्वभाव में है...


कोई काम बताकर तो देखो..

कोई इच्छा जताकर तो देखो...

पूरा करने के लिए जान लगा दूंगा...

क्यों कि यह मेरे स्वभाव में है...


एक बार किसी का हो गया अगर..

सारी उमर रिश्ता निभाउंगा...

चाहे कितनी भी रूकावटे आएं...

क्यों कि यह मेरे स्वभाव में है...

 

तुम मुझे भूल जाओ कभी..
मैं बार बार याद दिलाने आऊंगा...

मैं कभी न भूल पाऊंगा...

क्यो कि यह मेरे स्वभाव में है...!!


Main puri duniya ko apana chahta hun.. 

Main sabko apna banana chahta hun..

Ek muskan ishara hi kafi hai..

Tumhara ho jaunga sada ke liye..

Kyu ki yah mere swabhav main hai..


Koi kaam bata kar tou dekho..

Koi  ichha jatakar tou dekho..

Pura karne ke liye Jaan laga dunga..

Kyu ki yah mere swabhav main hai..


Ek bar kisi ka ho gaya agar..

Sari umar rista nibhaunga ..

Chahe kitni bhi rukawate aayen..

Kyu ki yah mere swabhav main hai..


Tum mujhe bhul jao kabhi..

Main bar bar yaad dilaunga..

Main kabhi na bhool paunga..

Kyu ki yah mere swabhav mai hai..!!


_जे पी एस बी 

कविता की विवेचना: 

मेरे बारे में/ About Me कविता में लेखक ने अपने बारे में कुछ भावनाएं व्यक्त की हैं।

लेखक पूरी दुनिया के कल्चर को जानना और अपना बनाना चाहता है।अर्थात लेखक चाहता की धर्म ,भाषा ,जात, पात,और देशों की सीमायो के नाम पर लड़ाई झगड़े बंद हो और पूरे विश्व के लोग चाहे किसी भी भाषा धर्म के हों ,किसी भी जात के हों सब मिल जुल कर रहें ।

नफरत, लड़ाई झगड़े ,युद्ध, आतंकवाद छोड़ कर आपस में प्यार बांटे यह प्यार वीजा, देश की सीमाओं का मोहताज ना हो ,और प्यार शांति चारो ओर बिखरे हर ओर खुशहाली हो, सब चैन से रहें,प्यार विश्व के सब देशों को वीजा पासपोर्ट बंद कर देने चाहिए , हर कोई पूरे विश्व का नागरिक हो पूरी धरती पर बिना रोक टोक आ जा सके।

लेखक यह विश्व प्रेम का सिलसिला खुद से सुरु करना चाहता है, लेखक चाहता है वह हर किसी के काम आए , कर किसी के कल्चर भाषा धर्म को समझे और आदर करें।

लेखक यह सब बहुत तेजी से करना चाहता है क्यों कि उम्र बहुत छोटी होती है उसी उमर में पर विश्व के कल्चर दिखने समझने हैं। सबको अपना बनाना है , विश्व शांति लाना है।

लेखक के स्वभाव में अपना पन, प्यार ,हमदर्दी ,परोपकार ,दया, करुणा आदि कूट कूट कर भरा है, यह भावनाएं सब में होती है बस उन्हें याद दिलाना है और जागृत करना है।

 यह काम बड़े बड़े विश्व नेता बहुत आसानी से कर सकते हैं। लेखक सोचता है वो बहुत छोटा है मगर सोचता है ,क्यों की भगवान चाहें तो कुछ भी अनहोनी पल में हो सकती है, हो सकता है यह भावनाएं हमारे विश्व नेताओ के मन में भगवान लाए या और कोई चमत्कार जो हम कल्पना भी नहीं कर सकते , भगवान कर सकते हैं।

विश्व शांति के काम में लेखक सबसे सहयोग करना चाहता और बढ़ चढ़ कर इस काम में हिस्सा लेना चाहता है, लेखक चाहता है जैसे श्री कृष्ण भगवान एक ही समय में करोड़ो गोपियों के साथ होते थे और हर के मन की मुराद पूरी करते थे, ऐसा ही कुछ विश्व शांति और प्यार के आदान प्रदान  में हो।

सारे विश्व के लोग एक पल में ही एक दूसरे के दिल में बस जाए कि कभी कोई लड़ाई झगड़े की कल्पना भी न करे और पूरे विश्व के सब हथियार नष्ट कर दिए जाएं , सेनाओं की कोई जरूरत ना हों।

पूरे विश्व में सब मिल बांट कर खाए पिए खुशियां मनाएं , कोई गरीब ना हो,तो यह पृथ्वी ही स्वर्ग है।

" मेरे बारे में" कविता में लेखक के विश्व शांति भाईचारे के विचार हैं, भगवान जरूर इसे पूरा करेगा।

कृपया कविता को पढ़े और शेयर करें।

... इति...

_जे पी एस बी

jpsb.blogspot.com


 

आई आफ गॉड (Eye of GOD)

Eye of God
Eye of GOD
Image from :pexels.com



एक ओमाकार  सत् नाम-
एक खुदा एक भगवान -
एक ईशवर
यह एक उसकी आंख है-
एक समान देखता-
सबके लिये इन्साफ़ है-
जन जन के सुख दुख का साथी-
वो निर्स्वाथ है-
जो मागोगे मिलेगा -
सब उसके पास है-!!

Jpsb blog 

Ek omkar sat-naam-
Ek khuda ek bhagwan-
EkIshwar
Yah ek uski ankh hai-
Ek saman dekhta-
Sabke liye insaaf hai-
Jan jan ke sukh dukh ka Sathi-
Woh nirswarth hai-
Jo magoge milega-
Sab uske pass hai-!!

Jpsb blog
 jpsb.blogspot.com Author is a member of SWA Mumbai
 Copyright of poem is reserved 










Wednesday, July 7, 2010

जिंदगी और मौत ( Jindgi Aur Mout)



Life N death
Life N Death
Image from :pexels.com

 जिंदगी और मौत दो सगी बहनें है...

जिनका एक दूजे बिन इनका गुजारा नहीं...

जितनी सच जिंदगी है....

 मौत भी उतनी ही हकीकत है...

           जिंदगी है तब ही मौत है ...

         मौत है इसलिए जिंदगी है... 

 

जिंदगी एक सुंदर आगाज़ है...

तो मौत उसका खूबसूरत अंत है...

मौत के बिना जिंदगी अधूरी है...

जिंदगी एक सुहाना सफ़र है...

तो मौत एक सफल मंजिल है...

 

इसी मंजिल की  ..

तलाश में तो जिंदगी निकली है...

और मौत पूरी वफा से ...

जिंदगी को मिलती है...

जहा जहा जिंदगी है...

मौत भी वहा पास खड़ी है...

 

जिंदगी छोटी और मौत बड़ी है...

जिंदगी और मौत एक दूजे का पर्याय है ..

चलो जी ले जिंदगी ...

मौत को गले लगाने के लिए...!! 


Jindgi aur mout do sagi bahane hai..

Jinka ek duje ke bina gujara nahi hai..

Jitani sach jindagi hai ..

Mout bhi utni hi  hakikat hai..

Jindgi hai tab hi mout hai..

Mout  hai isaliye jindgi hai..


Jindgi ek sunder aagaj hai..

Tou mout uska khubsurat ant..

Mout ke bina jindgi adhuri hai..

Jindgi ek suhana safar hai..

Tou mout ek safal manjil hai..


Isi manjil ki ..

Talash me tou jindgi nikali hai ..

Aur mout puri vafa se..

 Jindgi ko milti hai..

Jahan Jahan jingi hai..

Mout bhi wahi pas khadi hai..


Jindgi chhoti hai aur mout badi hai..

Jindgi aur mout ek duje ke pray hai..

Chalo ji le jindgi bharpur ..

Mout ko gale lagane ke liye ..!!


_जे पी एस बी 

कविता की विवेचना: 

जिंदगी और मौत/Life N Death कविता जिंदगी और मौत के आपसी रिलेशन के बारे में है, जिंदगी ना होती तो मौत बिना होती, जिंदगी है इसलिए तो मौत है।

जिंदगी और मौत एक दूसरे की परसायियो की तरह है जो कभी भी दूजे का साथ नही छोड़ती। 

दोनो सगी बहिने हैं, जहा जिंदगी सुरु होती है मौत जिंदगी के पीछे पीछे परसाई की तरह चलती है, और जहा जिन्दगी थमी,और मौत उसका बैटन पकड़ आगे के सफर के लिए चल देती है मंजिल की ओर ,जबकि यह किसी को पता नही मौत के सिवा की मंजिल कहां है।

मौत हमेशा जिंदगी का साथ देती है , जैसे ही जिंदगी अंतिम सांस लेती है , मौत तुरंत ही हांथ थाम लेती है।

ज़िंदगी अधर में साथ छोड़ देती ,मौत अपना लेती है और कभी छोड़ कर नही जाती बल्कि साथ ले जाती है सदा के लिए।

इसलिए तो जिंदगी बेवफा है बीच रास्ते छोड़ जायेगी , मौत महबूबा है साथ लेकर जायेगी और अनंत तक साथ निभायेगी।

फिर भी जिंदगी से प्यार और मौत से इंसान डरता क्यों है जब की यह पूर्ण सत्य है जिंदगी जायेगी ही उतना ही उतना ही सत्य यह भी है कि मौत आएगी ही I

मौत से भी डर के बजाय प्यार करना चाहिए क्यों कि अंत में उसके साथ ही जाना है,इसलिए मौत से भी प्यार रहना चाहिए उतना ही जितना जिंदगी से इंसान करता है।

"जिंदगी और मौत" कविता में ज़िंदगी और मौत को एक दूसरे के पूरक के रूप में देखा गया है, एक दूजे के बिना दोनो का ही अस्तित्व नही है , जिंदगी है तो मौत है, जिंदगी नही तो मौत भी नही है।

कृपया कविता को पढ़े और शेयर करें।

... इति...

_ जे पी एस बी 

jpsb.blogspot.com

 

 

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