Friday, January 5, 2024

गुरुवाणी (Guruwani)

Guruwani- भक्ती रस कविता                   
Guruwani
Guruwani
Image from: pexels.com 


गुरुवाणी है..
ईश्वर की आराधना..
पाठ गुरुवाणी का है..
एक साधना..
ध्यान करो..
ईश्वर जरूर सुनेगा..
तुम्हें अपने..
प्रिय भक्तों में चुनेगा..

बन गुरु का चेला..
भगत बन अलबेला..
गुरु ही..
ईश्वर दर्शन का..
रास्ता दिखाता है..
गुरूमत ..
ईश्वर को कैसे पाना..
हमे सिखाता है..

मौज मस्ती में..
अब तक जीवन बिता..
उम्र बीत गई सारी..
लग गई शरीर को..
कोई ना कोई बिमारी..
अब भी समय है बाकी..
करो ईश्वर की साधना..
अपने परलोक सुधारने की..
करो आराधना..

एक ही दिशा..
और एक ही रास्ता..
नित नेम गुरुवाणी..
दिलाती है..
गुरु की ओट..
मलहम यही है..
अगर लगती है..
जीवन में..
कोई चोट..

नाम राम जप ले..
रे बन्दे..
गर ईश्वर को है पाना..
अंत काल..
वही तेरा..
पक्का है ठिकाना ..
मर कर..
इधर उधर ना भटके..
तेरी आत्मा..
पापो का हो खात्मा..

गुरुवाणी से ही..
मिलेंगे परमात्मा..
मिलेगा तुझे ऐसा वर..
खुद पाओगे..
ईश्वर के दर पर..
गुरुवाणी..
जीवन दाना है..
गुरुवाणी से ही..
ईश्वर को पाना है..

धन दौलत से भी..
बड़ी दौलत है..
गुरुवाणी..
जीवन का खजाना है...
ख़ज़ाना अनमोल ..
मिलेगा तुम्हें..
बिना किसी मोल..
यही गुरु का वरदान है..
जप नाम..
यह आनंद की खदान है..

गुरुवाणी में ही है..
परमानंद..
उसी में रम जा ..
हर पल..
गुरुवाणी गा..
बनोगे तुम..
गुरू के खास..
हर समय होंगे ..
ईश्वर तुम्हारे पास..

गुरुवाणी की..
महिमा अनमोल..
जैसे बन जाये..
मिट्टी से सोना..
गुरुवाणी से..
ईश्वर होगे तुम्हारे..
तुम  ईश्वर के हो ना..
दिन रात..
गुरुनाम जप..
करले गुरु नाम का तप ..

तप तप कर..
बन जा खरा सोना..
सीखो दिन रात..
प्रभु के ख़यालों में खोना..
सदा सदा के लिये..
ईश्वर के हो ना..
यही तो है..
इस जीवन का मकसद..
जो भूल जाते हैं अक्सर..
अब भूलो ना..
गुरु के चरण छू लो ना..
नवाओ अपना शीश..
सदा पाओ..
ईश मिलन की बक्षीस..!!

Jpsb blog 

कविता की विवेचना: 

गुरुवाणी/Guruwani कविता ईश्वर की आराधना और साधना करने के लिये श्री गुरू ग्रंथ साहिब में दस गुरुओं की वाणी संजोई गई है. 

उस पवित्र वाणी को सुन कर स्वयं पाठ कर ईश्वर को पाया जा सकता है, ईश्वर लगता बहुत नजदीक है,जन्म मरण का राज गुरुवाणी में छिपा है. 

गुरुवाणी में चित लगाकर जन्म मरण से मुक्ति पा लो ईश्वर को हृदय में बसा लो, गुरुवाणी ईश्वर से मिलने का आसान रास्ता है. 

परमानंद गुरुवाणी में रसा बसा है, नित्यनेम प्रभु का जिसने जपा है, ईश्वर के नाम में तपा है,ईश्वर का उसके दिल में वास है, ईश्वर हमेशा उसके पास हैं. 

"गुरुवाणी " एक सच्चा पक्का जरिया है ईश्वर से मिलने का, गुरु का परम आशीर्वाद है गुरुवाणी, गुरू का आशिष पाओ और भव सागर तर जाओ .
मानव जीवन मिला है, कुछ कर जाओ,चौरासी योनियों से छुटकारा पाओ, चौरासी की काट है गुरुवाणी 
प्यारे भक्त की प्यास है गुरुवाणी. 

इति...

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 Author is a member of SWA Mumbai 
©️ Copyright of poem is reserved. 








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